रिश्तो के ताने बाने भी
कितने अजीब होते हैं
देखो तो एक दुसरे मे
इतने सिमट जाते हैं
की मलमल बन जाता है
इतने करिब होते हैं फिर भी
अपने मे अकेले रहते हैं
हम क्या कहे ए दोस्त
इस नासमझ मन को
जो मलमल को दिल से लगाके
फिर अकेला हो जाता है....
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